Thursday, 21 May 2020

जिवन कि सबसे बडी समस्या का समाधान

इस पोस्ट में जिवन कि सबसे बडी समस्या और समाधान के बारे में इस Motivatitional Story में बताया गया है | जिसे पढ़कर आप अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं | बहुत समय पहले कि बात है मध्य प्रदेश के एक राजा थे । राजा का नाम नृपत राय था, वह बहुत ही नेक दयालु व प्रजापालक थें। उनकी तीन रानियाँ थी - केवती , राजलक्ष्मी, अहिल्या राजा अपनी प्रजा को हमेशा अपनी संतान की तरह प्यार करते थें । सब नगर के लोग हमेशा खुशीपूर्वक जीवन यापन करते थे । समय धीरे -धीरे बीतता चला गया |

Jivan ki sabase badi samasya ka samadhan

एक बार उस नगर मे भयानक सूखा व महामारी पडा, और राजा कुछ समय से बहुत परेशान व चिंतित रहने लगे क्योकी नगर की यह दशा देखी नही जाती थी | राजा हरपल यह सोचते थे कि कैसे सभी समस्यओं पर विजय प्राप्त किया जाय, इसी चक्कर मे स्थिती बेहद खराब होती जा रही थी, राजा को कुछ समझ नही आ रहा की क्या करे, तभी मझली रानी ने सलाह दिया की क्यो ना इस समस्या का निवारण चल कर कूलगुरू जी से लिया जाय और राजा अपने कूलगुरू के पास जाने की ठानी |

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अगले सुबह राजा अकेले कूलगुरू के आश्रम को चल दिया । आश्रम पहुचे ही राजा ने कूलगुरू को दंडवत प्रणाम किया कूलगुरू ने राजा नृपत को आर्शिवाद देते हुए उनका कुशल- मंगल पूछा |राजा ने अपनी परेशानी को बताया और बडी विनम्रता से उचित सामाधान मागा कूलगुरू राजा की बातो को सुन पहले तो खूब हँसे, राजा को यह देख बेहद आश्चर्य हुआ।

फिर वह राजा नृपत से बोले "राजन यह तो छोटी सी समस्या है कोई और हो तो बताओ |"  यह सुनकर राजा भौचक्का सा हो गये और कहने लगे "गुरूवर यही समस्या कब से घर की जा रही है और आप हो की र्सिफ हँस रहे हो, मुझे कुछ अजीब लगा मै कुछ समझा नही |"

तब कुलगुरू बोले "राजन इसका निवारण तुम्हे सवेरे मिलेगा आज की रात तुम्हे मेरे यहा गुजारनी होगी । मगर एक बाधा है |"

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राजा "कैसी बाधा गुरूवर |"

कुलगुरू  "आज तुम्हे मेरे 100 ऊँटो के साथ उसी ऊटखाने मे ही सोना पडेगा क्यूकी निवारण वही है |"

राजा मान गये कूलगुरू ने बताया ध्यान रहे जब तक सारे ऊँट बैठ नही जाते तब तक सोना नही है राजा मान गयें, और सोने के लिए ऊँटखाने को चले गए |

राजा ठीक से रातभर सो नही पाए  अगली सुबह कूलगुरू राजा से मिले और रात का हाल पूछा व बोले "राजन तुम्हे कोई कष्ट तो नही हुआ ।"

राजा कुछ कहते इससे पहले ही (कूलगुरू राजा को टोकते हुए) "राजन यह क्या तुम्हारी आखे लाल क्यो है ? लगता है सारी रात तुम सोए नही क्या ?"

राजा ने गुरू की ओर देखा फिर बोला "गुरूवर कैसे सोता आपने ही तो कहा था की जब तक सारे ऊँट बैठ ना जाए तब तक सोना मत और मैने बहुत कोशिश की मगर कोई ना कोई ऊँट खण्डा हो जाता इसी चक्कर मे शायद अब बैठे- तब बैठे करते - करते सारी रात गुजर गयी मगर फिर भी कोई ना कोई खण्डा ही रहा |"

कूलगुरू ने बडे प्यार से राजा के सर पर हाथ फेरा और बोले "राजन हमारे जीवन की परिस्थितीया भी इसी प्रकार है हर कष्ट एक साथ कभी खत्म नही होते और ना ही कोई मुसीबत हमेशा के लिए होती बस सब्र और हौसला रखो इक दिन विजय तुम्हारी ही होगी |"

कूलगुरू की बाते सुन राजा को अपनी असली कमजोरी का निवारण मिला, और वह गुरू को दण्डवत कर अपने राज्य को चले गए और धैर्यपूर्वक अपना कार्यभार करने लगे कुछ समय बाद धीरे - धीरे उनके राज्य की खुशिया वापस आने लगी और फिर से वह राज्य हरा -भरा हो गया |

शिख 

इसी तरह से हमारे आस पास बहुत से ऐसे लोग है जो अपने ऊपर आये बुरे टाइम को पूरी तरह ख़त्म होने का इंतजार करते हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं होता | परिस्थितियां चाहे जो हों आपको उसी में आगे बढ़ना है | धारा के साथ तो सभी लोग बहते हैं पर वीर वही है जो धरा को चिर कर बहे |

I hope जिवन कि सबसे बडी समस्या और समाधान | Motivatitional Story आपको अच्छी लगी | अगर आपके पास भी कोई ऐसी कहानी हो जिसे दुनियां को दिखाना चाहते हैं, तो मुझे whatsapp- 9604078104 पर संपर्क करें |

लेखक - अमित यादव

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