Monday, 18 May 2020

महिलाओ के कानूनी अधिकार क्या है Legal Rights of Women

महिलाओ के कानूनी अधिकार के बारे में आप इस पोस्ट में जानेगे | हम उस देश के वासी है जिस देश मे महिलाओ को पूजा जाता है कभी माँ के रूप तो कभी देवी के रूप मे संबोधित किया जाता है। यहा तक हिन्दूओ के पवित्र ग्रन्थ श्रीमत् भागवत गीता मे भी भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा है जहा स्त्रियो की इज्जत और पूजा होती है वही पर मै विराजमान रहता हूँ। तुलसीदास जी ने रामचरित्र मानस मे भी यही कहा जहा कि स्त्रियो को पहले स्थान दिया जाता है वह देश निरन्तर महानता को अग्रसर रहता है। पर विडम्बना यह है कि इसी महान भारतवर्ष मे आज महिलाओ के साथ अन्याय होता रहा है।

महिलाओं के कानूनी अधिकार

इतिहास गवाह है जिसने भी औरत जात पर जुल्म किया उसका पतन हुआ है चाहे वह रावण रहा या कौरव सव खाक हो गए। विडम्बना आज भी कुछ लोग महिलाओ को मात्र अपनी परछाई समझते है। और उनपर अत्याचार करतें है।

एेसी अवस्था मे भारत सरकार ने महिलाओ के सम्मान के लिए अनेको कानून का गठन किया है तो आइए उनकी जानकारी पर ध्यान देते हैं -


1. तलाक की दशा मे महिलाओ के कानूनी अधिकार

 दोस्तो हम भारतीय है यहा शादिया विदेशो कि तरह पन्नो पर नही होती हमारे यहा विवाह सात वचनो के साथ शुरू होकर सात जन्मो पर ही खत्म होता है पर फिर भी कुछ नादान लोग हरकत कर ही जाते है लडाई -झगडो अन्य कारणवश से पती -पत्नी मे तलाक हो ही जाता है |

एेसी कंडीशन मे भारत मे अगर किसी महिला ने तलाक ले लिया हो तो जीवन यापन के लिए उसको पती कि ओर से गुजारा भत्ता देना पडता है और एेसी स्थिती मे उनके बच्चो को कस्टडी मे लेने का अधिकार भी महिला को ही है।

2. महिलाओ के काम करने का अधिकार -

अगर कोई महिला आँफिस मे काम करती है तो उसको उतना ही वेतन दिया जाना तय है कि जितना एक पुरूष व्यक्ति को दिया जाता है किसी भी रूप मे महिलाओ को सम्मान से वंचित नही किया जाए ।

उनपर ना कोई टिका टिप्पडी और कमेन्ट के साथ किसी भी कामकाजी महिला को शाम के 7बजे के बाद उसकी मर्जी के खिलाफ काम कराना गैरकानूनी है। महिला केस दर्ज करा सकती है।

3. गम्भीर अवस्था मे गर्भपात का अधिकार - 

किसी भी कानून मे लिंग जाच करना अथवा गर्भपात करना एक घोर अपराध है इस दौरान डाक्टर के लाईसेंस को भी जप्त कर लिया जाएगा और उसे कठोर सजा भी मिलेगी साथ मे उस परिवार को भी कठिन सजा से से गुजरना पड सकता है । अगर उक्त परिस्थितीयो को ध्यान मे रख कर अगर जच्चा (गर्भवती महिला )को जान का खतरा हो तो तो ऐसी स्थिती मे वो महिला गर्भपात करा सकती है।

4. महिलाओ के प्रथम अधिकार - 

यदि घर पर या किसी अन्य प्रकार कि घटना मे महिलाओ को जैसे मारपीट या घरेलू अत्याचार होने पर एेसी अवस्था मे महिला डायरेक्ट कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। ऐसे कंडीशन मे वो खूद अपना पक्ष ले सकतीं हैं साथ ही साथ मे अगर महिला किसी महिला वकिल या प्रोटेक्शन आफिसर या सर्विस प्रोवाइडर को भी साथ मे कोर्ट ले जा सकती है।

5. पिता के प्रापटी मे बराबर का हिस्सा -

महिलाओ का पिता के प्रापटी मे उतना ही अधिकार है जितना की एक बेटे को बाप की प्रापटी पर होता है हर रूप मे समानता का अधिकार है।


6- पहचान छुपाने का पूर्ण अधिकार -

अगर महिला को किसी अपराध मे पाया गया अथवा किसी रेप कि घटना के दौरान उनके नाम को उजागर नही किया जा सकता अगर कोई महिला कि पहचान उजागर करता है तो महिला के कहने पर उस पर ही कठोर कार्यवाही कि जा सकती है।

7.Online शिकायत दर्ज कराना -

अगर कोई महिला किसी जूर्म की शिकार हूई हो तो वह आनलाईन भी अपना शिकायत दर्ज करा सकती है इसमे वह मेल अथवा डाक के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकती है। और पुलिस का भी फर्ज होता है कि उसको जल्द रिप्लाई कर के जवाब दे और हौसला व पूर्ण भरोसा दे व उचित कार्यवाही करे।


8. प्रसासनिक अधिकार -

यदि किसी महिला को किसी जूर्म के संम्बंध मे हिरासत मे लिया जाता है सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद किसी भी महिला को गिरफ्तार नही किया जा सकता है। अन्य समय अगर कोई इनको गिरफ्तार करता है तो वह केवल महिला पुलिस ही कर सकती है अन्य किसी को भी अधिकार नही है।

अगर वह महिला चाहे तो उस महिला पुलिस कि पूर्ण रूप से तलाशी ले सकती और चेक कर सकती है । महिला चाहे तो थाने मे किसी भी सदस्य को ले कर जा सकती है।

9. कामकाजी गर्भवती महिलाओ के कानूनी अधिकार -

कोई भी कम्पनी आफिस मे काम करने वाली महिला अगर गर्भवती है तो कम्पनी कि यह जिम्मेदारी है कि उस महिला को 12 हफ्ते की मेटर्निव लीव बिना सैलरी कटे कम्पनी देगी। छुट्टी के दौरान गर्भवती महिला को नौकरी से नही निकाला जा सकता है तथा कोई भी उसके अधिकार से उसे वंचित नही कर सकता।

10. अभद्र टिप्पणी सेक्सुअल हरेसमेंट से बचाव -

अक्सर राह चलती लडकीयो पर आवारा लोग भद्दे कमेंट करते या उनके साथ सेक्सुअल हरेसमेंट करते है कुछ महिला या लडकी चुप रह जाती है परन्तू ऐसे कमेट देने वालो को यह पता नही कि यह एक जूर्म है अगर लडकी शिकायत भी कर दे तो ऐसे लोगो को 1 साल कि बामुसक्कद कैद व 25000 जूर्माना या दोनो एकसाथ हो सकता है। ये महिलाओ के कानूनी अधिकार के अंतर्गत आता है |

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लेखक - अमित


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