Sunday, 17 May 2020

INDIAN ARMY के बारे में 13 रोचक तथ्य

हमारे देश की आन -बान -शान INDIAN ARMY है और विश्व मे भारतीय थल सेना का कोई जवाब नही है । आइए हम कुछ महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त करके अपने सेना पर गर्व करें। 15 अगस्त 1947 से आजादी के बाद से ही भारतीय थल सेना का बेहद अहम व महत्वपूर्ण योगदान रहा है, विभाजन के समय पर सेना का भी बटवारा हुआ था |
Indian Aamy ki rochak baate

1- भारतीय थल सेना के वर्तमान प्रमुख विपिन रावत जी हैं।

2- आपको मुख्यत: बताते है कि आजाद भारत के प्रथम फिल्ड मार्शल एम करिअप्पा जी थें भारतीय थल सेना में फिल्ड मार्शल का पद उच्चतम माना जाता है।

यह एक मानद पद है जो कि केन्र्द सरकार की सलाह - विचार पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाने वाला पद है , किन्तू विष्शिष्ट परिस्थितीयों में इसकी अनुशंंसा कि जाती है। आपको जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि भारतीय इतिहास मे केवल दो अधिकारियो को ही फिल्ड मार्शल पद का कार्यभाल सौपा गया है।

3- भारतीय थल सेना की बागडोर रक्षा मंत्रालय के हाथ मे होती है

4- करीब 11लाख 30 हजार सक्रिय सैनिक एव करीब 12लाख के आसपास आरक्षित सैनिको की सेवाए ग्रहण करने वाली विश्व की द्वितीय सबसे बडी सेना है भारतीय थल सेना हालांकी हमारे संविधान मे सैन्य सेवा का भी उल्लेखन है परन्तू आज तक यह लागू नही हुआ।

5- 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस के रूप मे मनाया जाता है। कयोकी इसी दिन सर एम करिअप्पा ने कमान सम्भाली थी उसी के कारण 15 जनवरी को थल सेना दिवस के रूप मे मनाया जाता है।

6- थल सेना का गठन सन् 1776 में कोलकत्ता में ब्रिटीश इस्ट इंडीया ने ब्रिटीश इंडीयन आर्मी बनायी थी। भारतीय थल सेना 6 कमानो मे सुसज्जित है ये इस प्रकार हैं -

⭃ पश्चिमी कमान जिसका मुख्यालय (शिमला ) में है ।

⭃ पूरवी कमान जिसका मुख्यालय (कलकत्ता )में है ।

⭃ उत्तरीय कमान जिसका मुख्यालय (ऊधमपुर ) में है।

⭃ दक्षिणी कमान जिसका मुख्यालय (पुणे ) में है।

⭃ मध्यवीय कमान जिसका मुख्यालय (लखनऊ ) में है।

⭃ दक्षिणी - पश्चिमी कमान जिसका मुख्यालय (जयपुर ) में सुसज्जित थल सेना कि सबसे बडी कमान है।


7- INDIAN ARMY के पास 136 एयरक्राप्ट हैं।

8- भारतीय सेना के पास हैलिकाप्टरो में - RUDRA . DHURV . CHETAK . CHITA  आदि सम्मलित है।

9- INDIAN ARMY विषम परिस्थितीयो की बादशाह है, यह तपती रेगीस्तान से लेकर सनसनाती ठंडी एरीया सियाचीन जहा पानी भी बर्फ बन जाता वहा पर भी मुश्किल हालातो मे भी डटी हुई है।

10- INDIAN ARMY ने अंग्रेजो की तरफ से दोनो विश्व युध्दो मे भाग लिया था।

11- पहले विश्व युद्ध मे करीब भारतीय सेना के 13लाख 500सैनिको ने भाग लिया जिसमे से 74190 सैनिक फिर कभी लौट कर ना आए। यह विश्व युध्द 1914 से 1918 तक चला था। 11-1947 में भारत पाकिस्तान के विभाजन से पहले गोरखा की 10 बटालियन हमारे पास थी।

12- विभाजन के बाद 4बटालियन ब्रिटेन चलीं गयी बाकी की 7 बटालियन का बटवारा भारत और पाकिस्तान के मध्य हुआ।

13- INDIAN ARMY ने सर्वप्रथम 1947 मे कश्मीर मे जारी विद्रोह के खिलाफ लडी थी। धर्म की भावनाओ को हटा कर हिन्दू मुस्लिम सब एक हो कर यहा जान गवाते है शान से ताकी हमारा प्यारा भारत वर्ष प्यारा और दुलारा रहे किंतु हम चंद नेताओ के बहकाव मे आकर के आपसी फसाद पैदा करते है।

देश कि सरहद पर खडा वह नौजवान क्या सोचता होगा जब हम अंदर ही अंदर खोखला हो रहे है। जाती पाती धर्म भेदभाव मे ना फसे मेरे देशवासियो आपस मे एकता से बडी कोई ताकत नही है |

मैं आशा करता हूँ कि ये जानकारी आपको अच्छी लगी होगी | इस तरह से और भी रोचक बातें अपने ईमेल पर पाने के लिए साईट को सब्सक्राइब करें | यदि अपने फेसबुक पर पाना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें | अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें |

धन्यबाद ! लेखक -  अमित यादव

1 comment:

  1. Very nice website. Thank you again.

    ReplyDelete